पदबंध
जब एक से अधिक पद (शब्द) मिलकर वाक्य में एक ही पद का कार्य करते हैं, तो उस समूह को पदबंध कहते हैं। पदबंध वाक्य का अंश होता है, उसका अर्थ अधूरा होता है — पूरा अर्थ वाक्य में ही मिलता है।
उदाहरण — "काली टोपी पहने हुए लड़का मेरा भाई है।" — यहाँ 'काली टोपी पहने हुए लड़का' पूरा समूह मिलकर संज्ञा 'लड़का' का काम कर रहा है, अतः यह संज्ञा पदबंध है।
परीक्षा-सूत्र: पदबंध का भेद उसके मुख्य (अंतिम/शीर्ष) पद से तय होता है। रेखांकित अंश में सबसे महत्त्वपूर्ण पद पहचानिए — वही भेद का नाम देगा। बोर्ड में व्याकरण खंड (16 अंक) में पदबंध से 4-5 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं।
पदबंध के भेद
CBSE पाठ्यक्रम के अनुसार पदबंध के पाँच भेद हैं —
- संज्ञा पदबंध
- सर्वनाम पदबंध
- विशेषण पदबंध
- क्रिया पदबंध
- क्रियाविशेषण (अव्यय) पदबंध
1. संज्ञा पदबंध
जो पद-समूह वाक्य में संज्ञा का कार्य करे। इसका मुख्य पद संज्ञा होता है और शेष पद उसके विशेषण या सहायक होते हैं।
| उदाहरण | व्याख्या |
|---|---|
| देश के लिए प्राण देने वाले सैनिक अमर हैं। | मुख्य पद 'सैनिक' (संज्ञा) है; शेष पद उसकी विशेषता बता रहे हैं। |
| मुझे नदी के किनारे बसा वह छोटा-सा गाँव याद आता है। | पूरा समूह 'गाँव' (संज्ञा) पर केंद्रित है। |
| सामने के मकान में रहने वाला लड़का आज नहीं आया। | मुख्य पद 'लड़का' — संज्ञा पदबंध। |
2. सर्वनाम पदबंध
जो पद-समूह सर्वनाम का कार्य करे; मुख्य पद सर्वनाम होता है।
| उदाहरण | व्याख्या |
|---|---|
| गाँव से आए हुए तुम यहीं ठहरो। | मुख्य पद 'तुम' (सर्वनाम) है। |
| मित्रों की सहायता करने वाले आप धन्य हैं। | पूरा समूह 'आप' का विस्तार है। |
| दिन-रात परिश्रम करने वाला वह अवश्य सफल होगा। | मुख्य पद 'वह' — सर्वनाम पदबंध। |
3. विशेषण पदबंध
जो पद-समूह किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताए; मुख्य पद विशेषण होता है।
| उदाहरण | व्याख्या |
|---|---|
| वह बहुत ही सीधा और सरल व्यक्ति है। | पूरा समूह 'व्यक्ति' की विशेषता बता रहा है; मुख्य पद विशेषण 'सीधा-सरल'। |
| उसने अत्यंत सुंदर और मधुर गीत गाया। | 'गीत' संज्ञा की विशेषता — विशेषण पदबंध। |
| यह शीशे-सा चमकता हुआ फ़र्श है। | 'फ़र्श' की विशेषता बताने वाला समूह। |
4. क्रिया पदबंध
जब मुख्य क्रिया के साथ एक या अधिक सहायक क्रियाएँ मिलकर क्रिया का कार्य करती हैं। यह प्रायः वाक्य के अंत में आता है।
| उदाहरण | व्याख्या |
|---|---|
| वह बाज़ार की ओर चलता चला जा रहा है। | अनेक क्रिया-पद मिलकर एक क्रिया का काम कर रहे हैं। |
| बच्चा दूध पीते ही सो गया। | मुख्य पद क्रिया 'सो गया' — क्रिया पदबंध। |
| मोहन पुस्तक पढ़ता रहा होगा। | मुख्य क्रिया + सहायक क्रियाओं का समूह। |
5. क्रियाविशेषण (अव्यय) पदबंध
जो पद-समूह क्रिया की विशेषता (कैसे, कब, कहाँ, कितना) बताए।
| उदाहरण | व्याख्या |
|---|---|
| घोड़ा बहुत तेज़ गति से दौड़ रहा है। | 'दौड़ने' की रीति बता रहा है — क्रियाविशेषण पदबंध। |
| वह सुबह से शाम तक पढ़ता रहता है। | क्रिया का समय-विस्तार बता रहा है। |
| बच्चे नदी के किनारे-किनारे टहल रहे थे। | क्रिया का स्थान बता रहा है। |
पहचान के संकेत
- रेखांकित अंश का मुख्य पद देखिए — संज्ञा है तो संज्ञा पदबंध, सर्वनाम है तो सर्वनाम पदबंध।
- यदि अंश किसी संज्ञा/सर्वनाम से पहले आकर उसकी विशेषता बताए → विशेषण पदबंध।
- यदि अंश वाक्य के अंत में हो और उसमें क्रिया-रूप हों → क्रिया पदबंध।
- यदि अंश क्रिया के 'कैसे/कब/कहाँ' का उत्तर दे → क्रियाविशेषण पदबंध।
सामान्य भ्रम (बोर्ड में बार-बार): (1) संज्ञा पदबंध और विशेषण पदबंध में अंतर — यदि रेखांकित अंश में संज्ञा शामिल है तो संज्ञा पदबंध; यदि संज्ञा रेखांकन के बाहर है और अंश केवल विशेषता बताता है तो विशेषण पदबंध। जैसे — 'काला लंबा साँप रेंग रहा था' (संज्ञा पदबंध), पर 'काला और लंबा साँप रेंग रहा था' (विशेषण पदबंध)। (2) क्रिया पदबंध और क्रियाविशेषण पदबंध में अंतर — क्रिया पदबंध में क्रिया-रूप स्वयं शामिल होते हैं, क्रियाविशेषण पदबंध केवल क्रिया की विशेषता बताता है। (3) पद और पदबंध का अंतर — अकेला शब्द 'पद' है, पदों का सार्थक समूह 'पदबंध'।