मुहावरे
मुहावरा ऐसा वाक्यांश है जो अपने शाब्दिक अर्थ से हटकर कोई विशेष (लाक्षणिक) अर्थ प्रकट करता है। जैसे — 'अंगूठा दिखाना' का अर्थ सचमुच अंगूठा दिखाना नहीं, बल्कि 'साफ़ इनकार कर देना' है। मुहावरे भाषा को सजीव, रोचक और प्रभावशाली बनाते हैं।
मुहावरे की विशेषताएँ
- मुहावरा पूर्ण वाक्य नहीं, वाक्यांश होता है — इसका प्रयोग वाक्य के भीतर होता है।
- इसका अर्थ लाक्षणिक होता है, शाब्दिक नहीं।
- मुहावरे का रूप प्रायः स्थिर रहता है — शब्दों को बदला नहीं जा सकता ('आँख' के स्थान पर 'नेत्र' नहीं)।
- वाक्य-प्रयोग में लिंग, वचन, काल के अनुसार केवल क्रिया का रूप बदलता है।
- मुहावरा लोकव्यवहार और अनुभव से जन्मा होता है; यह कथन को संक्षेप में तीव्रता से व्यक्त करता है।
परीक्षा-सूत्र: बोर्ड में मुहावरों से प्रायः दो प्रकार के प्रश्न आते हैं — (1) मुहावरे का अर्थ चुनना/लिखना, (2) मुहावरे का वाक्य में प्रयोग अथवा रिक्त स्थान में उपयुक्त मुहावरा भरना। वाक्य-प्रयोग ऐसा लिखें कि अर्थ स्वयं स्पष्ट हो जाए — केवल अर्थ जोड़कर वाक्य न बनाएँ।
बोर्ड-परीक्षा में बार-बार पूछे गए मुहावरे
| मुहावरा | अर्थ | वाक्य-प्रयोग |
|---|---|---|
| अंगूठा दिखाना | साफ़ इनकार करना | ज़रूरत के समय मित्र ने भी अंगूठा दिखा दिया। |
| आँखों का तारा होना | बहुत प्यारा होना | इकलौता बेटा माता-पिता की आँखों का तारा होता है। |
| आसमान सिर पर उठाना | बहुत शोर मचाना | बिजली जाते ही बच्चों ने आसमान सिर पर उठा लिया। |
| ईद का चाँद होना | बहुत दिनों बाद दिखाई देना | शहर जाकर तो तुम ईद का चाँद हो गए हो। |
| अपना उल्लू सीधा करना | स्वार्थ सिद्ध करना | नेता जी हर सभा में अपना उल्लू सीधा करने पहुँच जाते हैं। |
| आग-बबूला होना | अत्यंत क्रोधित होना | झूठ सुनकर पिताजी आग-बबूला हो गए। |
| आँखें खुलना | वास्तविकता का ज्ञान होना | परीक्षा-परिणाम देखकर मोहन की आँखें खुल गईं। |
| आँखें चुराना | सामने आने से कतराना | उधार लेकर श्याम अब सबसे आँखें चुराता फिरता है। |
| उँगली पर नचाना | अपने इशारों पर चलाना | चतुर सेठ सबको उँगली पर नचाता था। |
| एड़ी-चोटी का ज़ोर लगाना | पूरी शक्ति से प्रयत्न करना | मैच जीतने के लिए टीम ने एड़ी-चोटी का ज़ोर लगा दिया। |
| कमर कसना | पूरी तैयारी करना | बोर्ड परीक्षा के लिए विद्यार्थियों ने कमर कस ली है। |
| कान भरना | चुगली करना | कुछ लोग अधिकारी के कान भरकर अपना काम निकालते हैं। |
| खून-पसीना एक करना | कठोर परिश्रम करना | किसान खेत में खून-पसीना एक कर देता है। |
| घी के दीये जलाना | बहुत खुशी मनाना | बेटी की सफलता पर घर में घी के दीये जलाए गए। |
| चार चाँद लगाना | शोभा बढ़ाना | रंगोली ने सजावट में चार चाँद लगा दिए। |
| छक्के छुड़ाना | बुरी तरह हराना | हमारी सेना ने शत्रु के छक्के छुड़ा दिए। |
| टस से मस न होना | ज़रा भी विचलित न होना | लाख समझाने पर भी वह टस से मस न हुआ। |
| दाँत खट्टे करना | पराजित कर देना | राणा प्रताप ने मुगलों के दाँत खट्टे कर दिए। |
| दाल न गलना | युक्ति सफल न होना | ईमानदार अधिकारी के सामने रिश्वतखोरों की दाल नहीं गली। |
| दिन-रात एक करना | निरंतर कठिन परिश्रम करना | सफलता पाने के लिए उसने दिन-रात एक कर दिए। |
| नाक में दम करना | बहुत परेशान करना | शरारती बच्चों ने अध्यापक की नाक में दम कर रखा है। |
| नौ-दो ग्यारह होना | भाग जाना | पुलिस को देखते ही चोर नौ-दो ग्यारह हो गए। |
| पानी-पानी होना | अत्यंत लज्जित होना | चोरी पकड़ी जाने पर वह पानी-पानी हो गया। |
| पहाड़ टूट पड़ना | अचानक भारी विपत्ति आना | पिता के निधन से परिवार पर पहाड़ टूट पड़ा। |
| फूला न समाना | अत्यधिक प्रसन्न होना | प्रथम आने पर सीता फूली नहीं समाई। |
| बाल-बाल बचना | बड़ी कठिनाई से बचना | दुर्घटना में यात्री बाल-बाल बच गए। |
| मुँह में पानी आना | ललचा जाना | जलेबियाँ देखकर बच्चों के मुँह में पानी आ गया। |
| मुँह की खाना | बुरी तरह हारना | घमंडी पहलवान को अंत में मुँह की खानी पड़ी। |
| लोहे के चने चबाना | बहुत कठिन कार्य करना | बिना परिश्रम के प्रतियोगिता जीतना लोहे के चने चबाना है। |
| श्रीगणेश करना | शुभारंभ करना | नए विद्यालय भवन का श्रीगणेश आज हुआ। |
| सिर पर कफ़न बाँधना | बलिदान के लिए तैयार रहना | क्रांतिकारी सिर पर कफ़न बाँधकर निकलते थे। |
| हाथ मलना | पछताना | समय पर न पढ़ने वाले परीक्षा के बाद हाथ मलते रह जाते हैं। |
| हाथ-पाँव फूल जाना | घबरा जाना | साँप देखकर उसके हाथ-पाँव फूल गए। |
| हवा से बातें करना | बहुत तेज़ दौड़ना | राणा प्रताप का घोड़ा चेतक हवा से बातें करता था। |
| आँखों में धूल झोंकना | धोखा देना | ठग ने सिपाही की आँखों में धूल झोंककर गहने उड़ा लिए। |
| ईंट से ईंट बजाना | पूरी तरह नष्ट कर देना | सेना ने शत्रु के किले की ईंट से ईंट बजा दी। |
| कलेजे पर साँप लोटना | ईर्ष्या से जलना | पड़ोसी की उन्नति देखकर उसके कलेजे पर साँप लोट गया। |
| गागर में सागर भरना | थोड़े शब्दों में बहुत कुछ कहना | बिहारी ने अपने दोहों में गागर में सागर भर दिया है। |
| घोड़े बेचकर सोना | निश्चिंत होकर सोना | परीक्षा समाप्त होते ही विद्यार्थी घोड़े बेचकर सोए। |
| टेढ़ी खीर होना | अत्यंत कठिन कार्य होना | बिना अभ्यास के गणित में पूर्णांक लाना टेढ़ी खीर है। |
| रंगे हाथों पकड़ना | अपराध करते हुए पकड़ना | रिश्वत लेते हुए बाबू रंगे हाथों पकड़ा गया। |
| सोने पे सुहागा | अच्छे में और अच्छाई जुड़ना | वह मेधावी तो है ही, विनम्र भी है — यह तो सोने पे सुहागा है। |
मुहावरा और लोकोक्ति में अंतर
- मुहावरा अधूरा वाक्यांश है, जो वाक्य में जुड़कर अर्थ देता है — 'कमर कसना'।
- लोकोक्ति (कहावत) अपने आप में पूर्ण वाक्य होती है और किसी अनुभव-सिद्ध सच्चाई को कहती है — 'अब पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गईं खेत'।
परीक्षा-टिप: (1) वाक्य-प्रयोग में मुहावरे की क्रिया को वाक्य के कर्ता और काल के अनुसार बदलना न भूलें — 'फूला न समाना' → 'सीता फूली नहीं समाई'। (2) रिक्त-स्थान वाले प्रश्नों में पहले पूरे वाक्य का भाव समझें, फिर विकल्पों में से वही मुहावरा चुनें जो उस भाव से मेल खाए। (3) मिलते-जुलते मुहावरों में भ्रम से बचें — 'मुँह की खाना' (हारना) और 'मुँह में पानी आना' (ललचाना) अलग-अलग हैं। (4) प्रतिदिन 5 मुहावरे अर्थ व वाक्य सहित लिखने का अभ्यास करें।